Saturday, 26 March 2016

तेरे सीने से लगकर, तेरी आरजू बन जाऊँ, 
तेरी साँसो से मिलकर, तेरी खुशबु बन जाऊँ, 
फासले ना रहें कोई हम दोनो के दरमिआँ, 
मैं, मैं ना रहुँ, बस तु ही तु बन जाऊँ !!

Wednesday, 23 March 2016

जब खामोश आँखो से बात होती है,
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है,
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं,
पता नही कब दिन और कब रात होती है..

Sunday, 20 March 2016

ऐसा नही की आपकी याद आती नही,
ख़ता सिर्फ़ इतनी है के हम बताते नही,
दोस्ती आपकी अनमोल है हमारे लिए,
समझते हो आप, इसीलिए हम जताते नही

Thursday, 17 March 2016

दिल तोडना हमारी आदत नही,
दिल हम किसी का दुखाते नही,
भरोसा रखना मेरी वफाओ पे,
दिल मे बसा के हम किसी को भूलाते नही।

Wednesday, 16 March 2016

पहली नज़र में भी प्यार होता है
दिल का चैन अक्सर यूँ ही खोता है
अनजानी आँखे जब किसी पे रुक जाती है
अक्सर दिल के अंदर वोह झाँक जाती है
धड़कने यूँ ही दिल की बढ़ जाती है
भीड़ में भी तब किसी की याद सताती है
चैन दिल का खो जाता है
बस एक वही चेहरा याद आता है
दिल का एक अनकहा रिश्ता दिल से जुड़ जाता है
पेहली नज़र में जब प्यार हो जाता है
एक पल मे अजनबी दिल का मलिक बन जाता है
आँखे बस वोह अजनबी आँखे ढूंढ़ती है
पिया से मिलने का बस वोह बहना ढूंढ़ती है
जिया को सुकून तब आता है
जब आँखो के सामने उनका चेहरा आता है
दिल से दिल का बस एक रिश्ता जुड़ जाता है

Tuesday, 15 March 2016

मौसम को इशारों से बुला क्यों नहीं लेते
रूठा है अगर वो तो मना क्यों नहीं लेते

तुम जाग रहे हो मुझको अच्छा नहीं लगता
चुपके से मेरी नींद चुरा क्यों नहीं लेते

दीवाना तुम्हारा कोई गैर नहीं
मचला भी तो सीने से लगा क्यों नहीं लेते

खत लिखकर कभी और कभी खत को जलाकर
तन्हाई को रंगीन बना क्यों नहीं लेते.

Monday, 14 March 2016

अगर जवाब दोगे तो बात करेंगे
नही दोगे तो इंतेज़ार करेंगे ,
दोस्ती की है आपसे, इसलिए मरते दम तक
आप को हर पल याद करेंगे ...

Friday, 11 March 2016

गलत सुना था कि,
इश्क आँखों से होता है....
दिल तो वो भी ले जाते है,
जो पलकें तक नही उठाते....

Tuesday, 8 March 2016

रिश्तो की दुनिया हैं निराली,
सब रिश्तो से प्यारी हैं दोस्ती हमारी
मंजूर हैं आँसू भी आँखो मे हमारी
अगर आ जाए मुस्कान होंठों पे तुम्हारी…..

Sunday, 6 March 2016

सुर्ख आँखो से जब वो देखते है..
हम घबराकर आँखे झुका लेते है..
क्यू मिलाए उन आँखो से आँखे..
सुना है वो आँखो से अपना बना लेते है.
काश आपकी सूरत इतनी प्यारी ना होती,
काश आपसे मुलाकात हमारी ना होती,
सपनो में ही देख लेते हम आपको,
तो आज मिलनी की इतनी बेकरारी ना होती

Saturday, 5 March 2016

तुझे इनकार है मुजसे,
मुझे इकरार है तुझसे,
तू खफा है मुजसे,
मुझे चाहत है तुझसे,
तू मायूस है मुझसे, 
मुझे खुशी है तुझसे,
तुझे नफ़रत है मुझसे
और मुझे प्यार है तुझसे…

Friday, 4 March 2016

जो आँखों मे रहते हैं उन्हे याद नही करतें;
जो दिल मे रहते हैं उनकी बात नही करतें;
उन्हे क्या पता की हमारी रूह मे वो बस चुके हैं,
तभी तो हम मिलनें की फरियाद नही करते!

एक तरफा ही सही...प्यार तो प्यार है...,
तुम्हें हो ना हो...लेकिन मुझे बेशुमार है..

Thursday, 3 March 2016

तुम्हारी प्यार भरी निगाहों का हमें कुछ ऐसा गुमान होता है 
देखो ना मुझे इस कदर मदहोश नज़रों से कि दिल बेईमान होता है।

Wednesday, 2 March 2016

कभी तुम भी नज़र आओ, 
सुबह से शाम तक हम को, 
बहुत से लोग मिलते हैं, 
निगाहों से गुज़रते हैं, 
कोई अंदाज़ तुम जैसा, 
कोई हमनाम तुम जैसा, 
मगर तुम ही नहीं मिलते, 
बहुत बेचैन फिरते हैं, 
बड़े बेताब रहते हैं, 
दुआ को हाथ उठते हैं, 
दुआ में यह ही कहते हैं, 
लगी है भीड़ लोगों की, 
मगर इस भीड़ में “साक़ी” 
कभी तुम भी नज़र आओ, 
कभी तुम भी नज़र आओ...।

Tuesday, 1 March 2016

तरस रहे हैं बड़ी मुद्दतों से हम, 
अपनी मुहब्बत का इज़हार लिख दो, 
दीवाने हो जाएँ जिसे पढ़ के हम, 
कुछ ऐसा तुम एक बार लिख दो।
कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना, 
यूँ बात बढ़ा कर क्या करना, 
तुम मेरे थे, तुम मेरे हो, 
दुनिया को बता कर क्या करना, 
तुम साथ निभाओ चाहत से, 
कोई रस्म निभा कर क्या करना, 
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो, 
फिर तुमको मना कर क्या करना।