Sunday, 24 April 2016

“हंसी ने लबों पर थ्रिकराना छोड दिया
 ख्‍बाबों ने सपनों में आना छोड दिया
 नहीं आती अब तो हिचकीया भी
 शायद आपने भी याद करना छोड’ दिया ”

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